परिचय

विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन

स्वर्गीय रामगोपाल माहेश्वरी

उद्देश्य के साथ एक दूरदर्शी प्रेरणा

श्री रामगोपाल माहेश्वरी केवल हिंदी साहित्य के संरक्षक ही नहीं, बल्कि उनका विश्वास था की हिंदी भाषा एवं साहित्य, समाज को जोड़ने, शिक्षित करने और उन्नत बनाने की क्षमता रखती है. उनकी दृष्टि सरल एवं अत्यंत गहन थी – ऐसे मंचों का निर्माण करना, जहाँ हिंदी साहित्य पनप सके, सांस्कृतिक कार्यक्रम फल-फूल सकें, और समाज का हर वर्ग – चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो – अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों के लिए गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का लाभ ले सके.

उनके सिद्धांत:

  • हिंदी भाषा को एकता का सशक्त माध्यम मानना
  • साहित्य को सामाजिक उत्थान का प्रभावी साधन समझना
  • सामुदायिक सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानना
  • सुलभता और किफ़ायती सुविधाओं को मूल अधिकार मानना

हिंदी साहित्य एवं सांस्कृतिक सेवा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें स्मारक डाक टिकट जारी कर सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें एक सच्चे दूरदर्शी के रूप में स्थापित करता है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन हिंदी सेवा के लिए समर्पित कर दिया.

कार्यरत विरासत

आज हमारे परिसर में आयोजित हर कार्यक्रम, हमारे हॉल्स में अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों का उत्सव मनाने वाला हर परिवार, और समुदाय को समृद्ध करने वाला हर सांस्कृतिक आयोजन – उनके दूरदर्शी स्वप्न को सजीव श्रद्धांजलि है. हम केवल रामगोपाल माहेश्वरी को स्मरण ही नहीं करते, बल्कि उनके मिशन को हर दिन आगे बढ़ाते हुए उसे साकार भी करते हैं.

दृष्टि से साकार रूप तक: हमारी यात्रा

विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन की स्थापना दोहरे उद्देश्य के साथ की गई थी. हिंदी भाषा और साहित्य का प्रचार-प्रसार करना, तथा समाज को सुलभ और किफ़ायती आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से सेवा प्रदान करना.

शुरुवात: हिंदी साहित्य के संवर्धन के लिए समर्पित एक साहित्यिक संस्था के रूप में प्रारंभ हुआ यह प्रयास, शीघ्र ही समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पहचान सका, ऐसे गुणवत्तापूर्ण आयोजन स्थल, जो परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न डाले. ऐसे समय में, जब शहर में व्यावसायिक स्थलों की लागत लगातार बढ़ रही थी, हमने समाज सेवा का यह अवसर देखा.

सामाजिक हेतु: वर्षों के सतत प्रयासों के फलस्वरूप, हमने छह विशिष्ट हॉल्स का विकास किया, जो विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं – 44 लोगों की अंतरंग सभाओं से लेकर 500 लोगों की भव्य सभाओं तक. हर हॉल का निर्माण एक ही सिद्धांत पर किया गया है: गरिमा, गुणवत्ता और किफ़ायत.

विस्तार: यद्यपि हमारी जड़ें हिंदी साहित्य और सांस्कृतिक संरक्षण में निहित हैं, लेकिन समय के साथ हमारी सेवा-परिधि पूरे समाज तक विस्तारित हो गई है. आज हमारे यहाँ आयोजित होते हैं:

  • हिंदी साहित्य को जीवंत बनाए रखने वाले साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • जीवनभर की यादें रचने वाले पारिवारिक समारोह
  • ज्ञानवर्धन करने वाले शैक्षणिक कार्यक्रम
  • व्यावसायिक विकास को प्रोत्साहित करने वाले कॉर्पोरेट आयोजन
  • सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने वाले सामुदायिक मिलन

इन सभी प्रयासों के माध्यम से, हम अपने मूल सिद्धांत पर अडिग हैं – लाभ से ऊपर सेवा, और व्यापार से ऊपर समुदाय.

हमारी प्रेरणा: मिशन, विज़न एवं मूल्य

हमारा मिशन

रामगोपाल माहेश्वरी की दूरदर्शी सोच की भावना के अनुरूप, हिंदी साहित्य एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन करते हुए समाज की सेवा करना - साथ ही सामुदायिक आयोजनों के लिए सुलभ, किफ़ायती एवं गरिमापूर्ण स्थान उपलब्ध कराना.

हमारा विज़न

हमारी दृष्टि एक ऐसे सशक्त और जीवंत समुदाय के निर्माण की है, जहाँ हिंदी साहित्य फलता-फूलता रहे और नई पीढ़ियों तक पहुँचे; जहाँ उच्च गुणवत्ता वाले आयोजन स्थल आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना सभी के लिए सुलभ बने रहें; और जहाँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं गर्व के साथ उत्सव मनाया जाए. हम ऐसा स्थान विकसित करने का लक्ष्य रखते हैं, जहाँ प्रत्येक परिवार अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को गरिमा के साथ मना सके, और जहाँ साझा, समावेशी एवं स्वागतयोग्य परिवेश के माध्यम से सामुदायिक संबंध निरंतर सुदृढ़ होते रहें.

हमारे मूल्य

हमारा अस्तित्व लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए है. हमारा हर निर्णय इस बात से प्रेरित होता है कि समाज के लिए सबसे उपयुक्त क्या है.

उच्च गुणवत्ता वाले आयोजन स्थल सभी के लिए उपलब्ध होने चाहिए. हमारी मूल्य-नीति इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

हिंदी साहित्य और विदर्भ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हम सक्रिय रूप से करते हैं.

पारदर्शी मूल्य-निर्धारण, निष्पक्ष व्यवहार और नैतिक कार्यप्रणाली – हमारे हर कार्य की नींव.

हर आयोजन, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, एक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है.

हम केवल हॉल उपलब्ध नहीं कराते; हम ऐसे स्थान बनाते हैं जहाँ सामुदायिक संबंध और अधिक मजबूत होते हैं.

कल्चरल एवं कन्वेंशन सेंटर

Well equipped Halls
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Events Hosted
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Community Focussed
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